केनब्रुक सोलर : टॉप सोलर पैनल कंपनी इन इंडिया

About Solar Company in Gurgaon, India
About Solar Company in Gurgaon, India

केनब्रुक सोलर भारत की टॉप सोलर पैनल इंस्टालेशन कंपनियों में से एक है, जिसका हेड ऑफिस दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम में  स्थित है। केनब्रुक सोलर, सोलर इंडस्ट्री की सबसे  पुरानी व् सबसे तेजी से आगे बढ़ती हुई कंपनी में से एक है। जिसके भारत में 1 फैक्ट्री व् दिल्ली हेड ऑफिस समेत लगभग 100 से अधिक शहरों में ब्रांच ऑफिस, बिज़नेस एसोसिएट व् डीलर नेटवर्क है। हम भारत के 100 से अधिक शहरों में मुफ्त में साइट विजिट, साइट के अनुसार डिजाइन और आपकी जरूरतों के हिसाब से सोलर सिस्टम की सलाह / परामर्श करते है।

केनब्रुक सोलर लगभग सभी ब्रांड्स के 3 वाट से लेकर 350 वाट तक के सोलर पैनल्स, 1 किलोवाट से लेकर 1 मेगावाट तक के सोलर पावर प्लांट्स, 100 लीटर से लेकर 5000 लीटर तक के सोलर वाटर हीटर्स, सोलर AC, सोलर स्ट्रीट लाइट्स, सोलर वाटर पम्पस में व् सभी प्रकार के अन्य सोलर प्रोडक्ट्स में डील करती है। साथ ही अपने ग्राहकों को इंस्टालेशन व् रिपेयर/ सर्विस समेत सोलर से सम्बंधित सभी प्रकार की सुविधाएँ देती है!

सोलर प्रोडक्ट की रेंज

हम सभी प्रकार के सोलर पावर पैनल प्रोडक्ट में डील करते है जैसे ऑन ग्रिड, ऑफ ग्रिड, हाइब्रिड सोलर सिस्टम, सोलर वाटर पंप, सोलर एयर कंडीशनर, सोलर स्ट्रीट लाइट, सोलर वाटर हीटर और सोलर होम लाइटिंग इत्यादि।

कम्पलीट सोलर इंस्टालेशन सोल्युशन।

सोलर EPC कंपनी होने के नाते  शुरू से अंत तक हम अपने ग्राहकों को अनेक प्रकार की सुविधाएं प्रदान करते है जिसमे इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट,कमिशनिंग इत्यादि शामिल है।

इंजीनियरिंग

सोलर पैनल लगाने के स्थान का निशुल्क निरिक्षण करना|

इनस्टॉल करने के लिए उपयुक्त स्थान का चयन करना|

मटेरियल सप्लाई

सोलर पैनल को खरीदने व प्राप्त करने की प्रक्रिया|

कम्पलीट सोलर सिस्टम की सप्लाई करना|

इंस्टालेशन 

सोलर पावर सिस्टम को इनस्टॉल करना|

सोलर पावर सिस्टम की जाँच परख करके चालू करना|

सर्विसेज

सोलर पावर सिस्टम की 5 वर्ष की वॉरेंटी देना

सोलर पावर सिस्टम की रिपेयर और एनुअल मैंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट

सोलर पावर विशेषज्ञ (स्पेशलिस्ट)

हम सभी प्रकार के रेजिडेंशियल, कमर्शियल, इंस्टीटूशनल, और बड़े पैमाने पर सोलर पावर पैनल  की आवश्यकताओं को शुरू से ले केर अंत तक आने वाली प्रत्येक समस्या के समाधान व हर प्रकार की सुविधा प्रदान करते है।

रेजिडेंशियल

व्यक्तिगत आवास, ग्रुप हाउसिंग सोसाइटीज और बिल्डर सोसाइटीज के लिए सोलर सिस्टम इनस्टॉल करना।

व्यवसायिक

होटल्स, हॉस्पीटल, ऑफिस, और इंडस्ट्रीज इत्यादि अनेक जगहों पर  सोलर पावर पैनल इनस्टॉल करना।

इंस्टीटूशनल

स्कूलों, कॉलेजों, और बड़े – बड़े शिक्षण संस्थानों में सोलर पैनल को इनस्टॉल करना

लार्ज स्केल

ग्राउंड माउंटेड स्टार का प्रोजेक्ट भी इनस्टॉल करते है जिससे बड़ी मात्रा में बिजली का उत्पादन कर सकते है

Solar Energy in India
Solar Energy in India

सोलर ऊर्जा क्या है?

सोलर शब्द की उत्पति लैटिन भाषा के शब्द “SUN” से हुई है। सोलर पावर सूर्य से प्राप्त होने वाली एक मुफ्त ऊर्जा है। यह ऊर्जा रेडिएशन/ किरणों के रूप में उपलब्ध होती है, जो की सोलर इलेक्ट्रिसिटी को पैदा करती है। सौर ऊर्जा सूर्ये की किरणों को एकत्रित करके बनती है! सोलर उपकरण को  छतो पर आसानी से फिट किया जा सकता है! सोलर पावर को हम अपने दैनिक जीवन की बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए उपयोग में ला सकते है ! और इससे किसी भी प्रकार के बिजली से चलने वाले उपकरणों को चलाया जा सकता है जैसे की लाइट्स, पंखे, कूलर, फ्रिज, टीवी, एयर कंडीशनर आदि। सोर ऊर्जा को कई वर्षो तक ऊर्जा का एक अहम् साधन माना जाता है क्योंकि सूर्य की ऊर्जा बहुत बड़ी मात्रा में, मुफ्त में उपलब्ध है। आधुनिक तकनीक के साथ साथ जिस प्रकार बिजली की जरूरते बढ़ती जा रही है, वो केवल हम सोर ऊर्जा से ही पूरी कर सकते है।

Solar Panel Working Diagram
Solar Panel Working Diagram

सोलर पैनल कैसे काम करता है?

सोलर पैनल या सोलर प्लेट सोलर सेल के समूह से बनी होती है। सोलर सेल एक सिलिकॉन मटेरियल से, दो इलेक्ट्रिकल कॉन्टेक्ट्स के दबाव से बनता है। सोलर फोटोवोल्टिक पैनल सूर्य की किरणों को बिजली में परिवर्तित करता है। सूर्य एक अनलिमिटेड ऊर्जा का स्त्रोत्र है और सोलर पैनल इस ऊर्जा को बिजली में परिवर्तित करने का एक मात्र सस्ता साधन बन रहा है! सूर्ये की रौशनी सोलर पैनल के पार्टिकल्स से टकराती है जिसे  फोटोन कहा जाता  है और सोलर पैनल उन फोटोन को इलेक्ट्रान में बदलकर डायरेक्ट करंट(DC) उत्पन्न करता है.

सोलर पैनल छोटे-छोटे सोलर सेल्स से बना होता है! सोलर सेल्स पर अगर सूर्ये की रौशनी पड़ती है तो वह उस रौशनी को करंट या बिजली मे बदल देते है! ऐसे बहुत सारे सेल्स मिलकर एक सोलर पैनल बनाते है जो की आजकल बहुत ज्यादा प्रयोग होते है! सिलिकॉन एक सेमि कंडक्टर होता है जो दो प्रॉपर्टी से बना होता है जैसे कंडक्टर और सेमिकंडक्टर! कंडक्टर वह होता है जो बिजली को पास करता है! (उदाहरण के तौर पर जिस प्रकार हम लोहे की छड़ी को बिजली की तार से छुए तो उससे बिजली हमारे शरीर में प्रवेश कर जाती है क्योंकि लोहे की छड़ी एक कंडक्टर  है जिससे बिजली पास होती है और हमें करंट लग जाता है! और अगर हम लकड़ी की छड़ी को बिजली की तार से छुए तो इससे बिजली पास नहीं होती क्योंकि यह एक इंसुलेटर है!) सिलिकॉन सेमिकंडक्टर मे एक नेगेटिव टाइप होता है और एक पॉजिटिव टाइप होता है दोनों को एक साथ प्लेस किया जाता है!पॉजिटिव से नेगेटिव एलेक्ट्रोन फलो करते है! एलेक्ट्रोन बिजली के बहुत सूक्ष्म कण होते है जब वो मूव करने लग जाते है तो वह डायरेक्ट करंट (DC) बिजली उत्पन्न करते है!

Solar Power Plant Working Diagram
Solar Power Plant Working Diagram

सोलर पावर प्लांट कैसे काम करता है?

 सोलर पावर प्लांट्स बहुत सारे सोलर पेनल्स, सोलर बैटरीज, सोलर इन्वर्टर का समूह है! जो बिजली का बहुत अच्छा साधन है!सोलर पेनल्स छोटे- छोटे सेल्स से बना होता है! यह छोटे छोटे सेल्स कम वोल्टेज और करंट उत्पन्न करते है! इन छोटे – छोटे सेल्स को एक साथ जोड़कर एक प्लेट बनती है! सोलर पैनल का सेल सिलिकॉन का बना होता है! उसकी एक ऐसी प्रॉपर्टी होती है जैसे ही सेल्स के ऊपर फोटोन पड़ते है (प्रकाश के कण को फोटोन कहते है) अर्थात जैसे ही सेल्स के ऊपर प्रकाश की किरणे पड़ती है! उसके अंदर अपने आप ही इलेक्ट्रान फ्लो होना शुरू हो जाता है!इलेक्ट्रान का फ्लो तब तक रहेगा जब तक करंट रहेगा इसी करंट को हम सीधा बैटरी में भी ले सकते है जिसे हम DC (डायरेक्ट करंट) कहते है यह एक बहुत अच्छी टेक्नोलॉजी है! इसका इस्तेमाल करने से पर्यावरण को भी कोई नुकसान नहीं होता! हम इसके करंट को स्टोर भी कर सकते है! जरुरत पड़ने पर उसको उपयोग में भी ला सकते है! AC पावर एक बिजली की तरह उपयोग में लायी जाती है! जिसका प्रयोग हम अपने घर के उपकरणों और को चलाने के लिए करते है! जैसे टेलीविज़न,वाशिंग मशीन, कंप्यूटर,एयर कंडीशनर इत्यादि! सोलर पावर प्लांट्स सिस्टम तीन प्रकार के होते है

(1) ऑन ग्रिड सिस्टम. (2) ऑफ ग्रिड सिस्टम. (3) हाइब्रिड सिस्टम.